नई पॉलिसी के लिए ग्राहक से कब मिलें!
ग्राहक से कहां मिलें?
ग्राहक से हमें कहां मिलना है यह प्रायः वही तय करता है हमें उसी स्थान पर मिलना है जो उसके लिए सुविधाजनक हो फिर भी यदि संभव हो हमारे सामने विकल्प तो हो तो हमें ग्राहक से उसे घर पर ही मिलना चाहिए ग्राहक यदि दुकान दफ्तर होटल में मिलता है तो वहां लोगों का आवागमन बहुत रहता है एक तो ग्राहक की एकाग्रता बार-बार टूटती है दूसरे यह भी हो सकता है कि आप पॉलिसी बता रहे हैं और कोई खामखा सिंह आ गया कि कौन सी पॉलिसी ले रहे हो इससे तो फला कंपनी की पॉलिसी बेहतर है या मेरा एजेंट इससे ज्यादा डिस्काउंट देता है ध्यान रहे कि ग्राहक को पॉलिसी के लिए तैयार करने में महीनों लग सकते हैं पर उसे बिगाड़ने के लिए सिर्फ एक वाक्य ही पर्याप्त है उसी वाक्य से बचने के लिए प्रयास करें कि ग्राहक से उसे घर पर ही मिले जब आप उसके घर पर मिल रहे हो तो वहां दूसरे लोग नहीं आ सकते बस किसी का फोन आ सकता है अब क्योंकि फोन करने वाले को आप दिखाई नहीं दे रहे हो तो आपके बारे में बात होने की संभावना कम है घर पर मिलने में एक लाभ यह भी है कि यदि वह पॉलिसी खरीदने का निर्णय कर ले तो उसके सभी कागज जैसे जन्मतिथि का प्रमाण पत्र फोटो चेक बुक आदि भी वही मिलने की संभावना है।
जब आप ग्राहक के घर पर बैठ कर बात कर रहे हैं तो आपको शब्दों का प्रयोग सावधानी से करने की जरूरत है। जब उसके बीवी-बच्चे वही आस पास हो तो आप पॉलिसी समझाने के लिए इस तरह के वाक्य प्रयोग नहीं कर सकते कि 'यदि आप मर गए तो परिवार को इतना पैसा मिलेगा'। वहां आपको ज्यादा संवेदनशील होकर बात करने की जरूरत है।
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